. 5 फरवरी भीष्म अष्टमी - निर्वाण दिवस /भीष्म पितामह की जीवन गाथा

चित्र
 भीष्म पितामह की जीवन गाथा भीष्म पितामह का जन्म का नाम देवव्रत था. इनके जन्म कथा अनुसार इनके पिता हस्तिनापुर के राजा शांतनु थे. एक बार राजा शांतनु, गंगा के तट पर जा पहुंचते हैं, जहां उनकी भेंट एक अत्यंत सुन्दर स्त्री से होती है. उस रुपवती स्त्री के प्रति मोह एवं प्रेम से आकर्षित होकर वे उनसे उसका परिचय पूछते हैं और अपनी पत्नी बनने का प्रस्ताव रखते हैं. वह स्त्री उन्हें अपना नाम गंगा बताती है और उनके विवाह का प्रस्ताव स्वीकार करते हुए एक शर्त भी रखती है, की राजा आजीवन उसे किसी कार्य को करने से रोकेंगे नहीं और कोई प्रश्न भी नहीं पूछेंगे. राजा शांतनु गंगा की यह शर्त स्वीकार कर लेते हैं और इस प्रकार दोनो विवाह के बंधन में बंध जाते हैं. गंगा से राजा शान्तनु को पुत्र प्राप्त होता है, लेकिन गंगा पुत्र को जन्म के पश्चात नदी में ले जाकर प्रवाहित कर देती है. अपने दिए हुए वचन से विवश होने के कारण शांतनु, गंगा से कोई प्रश्न नहीं करते हैं . इसी प्रकार एक-एक करके जब सात पुत्रों का वियोग झेलने के बाद, गंगा राजा शांतनु की आठवीं संतान को भी नदी में बहाने के लिए जाने लगती है तो अपने वचन को तोड़ते हु...

About नागाणा टाइम्स


नागाणा टाइम्स

नागाणा टाइम्स राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, राजपूत चिंतन, और राजपूतों की वीरगाथाओं को समर्पित एक प्लेटफार्म है। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान की धरोहर, संस्कृति, और राजपूतों के अद्वितीय योगदान को दुनिया के सामने लाना है। इस वेबसाइट को बनाने के पीछे एक समर्पित टीम है जो दिन-रात राजस्थान के इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर शोध करती है और उसे पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करती है।


नागाणा टाइम्स की कहानी

नागाणा टाइम्स की योजना तब बनाई गई जब यह स्पष्ट हुआ कि राजस्थान के इतिहास और राजपूतों की विरासत को संरक्षित और प्रचारित करने की आवश्यकता है। इस वेबसाइट का उद्देश्य है उन कहानियों और विचारों को सामने लाना जो समय के साथ भुला दिए गए हैं। राजपूतों की जीवनशैली, उनका दर्शन और उनका संघर्ष—ये सभी इस प्लेटफार्म पर प्रमुखता से प्रस्तुत किए जाते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम अपने पाठकों को ऐतिहासिक तथ्यों के साथ-साथ प्रेरणादायक और मूल्यवान सामग्री प्रदान करें।


इस वेबसाइट पर आपको निम्नलिखित विषयों पर जानकारी मिलेगी 

- राजस्थान का इतिहास  

- राजपूतों की जीवनशैली  

- युद्ध और वीरगाथाएँ  

- राजपूत दर्शन  

- ऐतिहासिक किले और धरोहर  

- राजस्थान की संस्कृति  


नागाणा टाइम्स टीम

आप ओर हम 


-

टिप्पणियाँ

संबंधित article

नागणेच्या माता का चमत्कारिक मंदिर जिसको कहा जाता है मिनी नागाणा

छतरी प्रकरण मामले में बनी सहमति

राव सूरजमल हाड़ा/बूंदी नरेश राव सूरजमल हाडा (1527-1531)